वाई पूरन सिंह: जॉइनिंग से श्रद्धांजलि तक
यह ब्लॉग उनकी जिंदगी, सेवा और समापन के संदर्भ में है
पूर्न सिंह को जॉइनिंग पर बधाई और श्रद्धांजलि बैनर
भाई पूरन सिंह ड्यूटी के दौरान
पूरन सिंह की ड्यूटी के दौरान जनता के बीच उनकी प्रतिबद्धता और सेवा भावना की झलक इस चित्र में है। वह जनता की सुरक्षा और विश्वास के प्रतीक थे।
वाई पूरन सिंह का जीवन परिचय
वाई पूरन कुमार का जन्म 19 मई 1973 को हुआ। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद आईआईएम अहमदाबाद से पीजीडीएमसी और आईआईटी मद्रास से हेल्थ इकॉनॉमिक्स में पीएचडी की। 1990 के दशक के अंत में उन्होंने एक प्रतिष्ठित मल्टीनैशनल कंपनी छोड़कर IPS की नौकरी के लिए तैयारी शुरू की।
वे 2001 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी थे, जिन्होंने आईजीपी (रोहतक डिवीजन), आईजीपी (होम गार्ड्स), आईजीपी (टेलीकम्युनिकेशंस) और एडीजीपी, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
परिवार और निधन
उनकी पत्नी अमनीत कुमार 2001 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वे महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव और हरियाणा सरकार के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थीं। 7 अक्टूबर 2025 को पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में अपनी सेवा-आवासीय परिसर में आत्महत्या कर ली। उनके द्वारा छोड़े गए नोट में उन्होंने मानसिक उत्पीड़न और भेदभाव के आरोप लगाए।
उनकी मृत्यु से पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है। परिवार, साथियों और जनता के लिए उनका योगदान सदैव यादगार रहेगा।
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