Hari Mukund Panda ने इसे ‘Act of God’ बताया और कहा कि इसमें किसी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की कमी, एक ही गेट से प्रवेश और निकासी जैसी खामियों को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन मंदिर प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ आने की उन्हें उम्मीद नहीं थी.
घटना का विवरणयह दुर्घटना आंध्र प्रदेश के सrikakulam जिले के Kasibugga में नवनिर्मित Venkateswara Swamy मंदिर में Karthika Ekadashi के पर्व पर हुई थी, जब लगभग 20,000+ श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे.
मंदिर की पहली मंजिल पर गया रास्ता एक ही सीढ़ी थी, जिससे प्रवेश और निकासी की व्यवस्था कमजोर थी।रैलिंग गिरने पर भीड़ में घबराहट फैली और भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग फंस गए। राहत कार्य तुरंत शुरू हुआ लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आई
मृतकों के परिवार को प्रधानमंत्री राहत कोष से ₹2 लाख और घायल लोगों को ₹50,000 की सहायता की घोषणा की गई.मंदिर निर्माता का बयानमंदिर को Odisha के 94 वर्षीय Hari Mukund Panda ने बनवाया और श्रद्धालुओं के लिए चार माह पहले खोला था।उन्होंने कहा—"मेरा मकसद श्रद्धालुओं को शांति से, मुफ्त में भगवान का दर्शन कराना था। किसी पर जिम्मेदारी नहीं डाल सकते, यह एक दैवीय घटना थी। उन्होंने स्वीकार किया कि इतनी बड़ी भीड़ वे कल्पना भी नहीं कर पाए थे, इसलिए प्रशासन को सूचना नहीं दी थी.प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांचघटना के बाद राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।पुलिस का कहना है रैलिंग के कमजोर कंस्ट्रक्शन और सुरक्षा खामियों की वजह से यह हादसा बढ़ गया.
मंदिर निजी है और सरकारी पंचायत या Endowments विभाग के अंतर्गत नहीं आता, जिससे सुरक्षा उपायों की निगरानी नहीं की गई थी.
ओडिशा के वृद्ध मंदिर निर्माता ने जिस श्रद्धा से Venkateswara Swamy मंदिर का निर्माण कराया, वहाँ भगदड़ में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मंदिर निर्माता ने इसे "ईश्वर की इच्छा" बताया और कहा कि इसमें कोई जिम्मेदार नहीं है। हादसा अत्यधिक भीड़, कमजोर रैलिंग और सुरक्षा व्यवस्था की कमी की वजह से हुआ। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की गई है। यह घटना बताती है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कितने ज़रूरी हैं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
Odisha ke bude aadmi ne jis shraddha se Venkateswara Swamy mandir banwaya, wahan bhagdad mein 9 logon ki afsosnak mout ho gayi. Mandir ke banane wale ne isay "Allah ki marzi" qarar diya aur kaha ke kisi shaks ki zimmedari nahi hai. Yeh hadsa hadd se zyada bheed, kamzor railing aur tahaffuz ke naqis intazam ki wajah se hua. Intizamia ne tahqiqat ka ailan kiya hai aur marhoomeen ke gharwalon ko muawza diya jayega. Yeh waqea yah gham dehata hai ke mazhabi tazkiyat mein tahaffuz ke pakka intazam lazmi hai, taake mustaqbil mein aise haadse na hon
Odisha ke bude aadmi ne jis shraddha se Venkateswara Swamy mandir banwaya, wahan bhagdad mein 9 logon ki afsosnak mout ho gayi. Mandir ke banane wale ne isay "Allah ki marzi" qarar diya aur kaha ke kisi shaks ki zimmedari nahi hai. Yeh hadsa hadd se zyada bheed, kamzor railing aur tahaffuz ke naqis intazam ki wajah se hua. Intizamia ne tahqiqat ka ailan kiya hai aur marhoomeen ke gharwalon ko muawza diya jayega. Yeh waqea yah gham dehata hai ke mazhabi tazkiyat mein tahaffuz ke pakka intazam lazmi hai, taake mustaqbil mein aise haadse na hon.
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