भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक दमदार और स्पष्ट संदेश देकर देश की सुरक्षा नीति का नया रुख़ दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद के साये में नहीं जियेगा और न ही परमाणु हथियारों की धमकी से दबेगा।
यह बयान एक ऐसे समय आया है जब सीमा पार से लगातार आतंकी गतिविधियों की कोशिशें की जा रही हैं और पाकिस्तान परमाणु शक्ति का हवाला देकर भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की पुरानी रणनीति आज़मा रहा है। लेकिन CDS जनरल चौहान ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि अब भारत बदल चुका है।
क्या बोले जनरल अनिल चौहान?
> "भारत अब न तो आतंकवाद के साये में जीएगा और न ही परमाणु ब्लैकमेल को सहन करेगा। हमारी सशस्त्र सेनाएं हर चुनौती के लिए तैयार हैं, और किसी भी उकसावे का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।"
उनके इस बयान में भारत की सैन्य नीति का आत्मविश्वास झलकता है। यह संकेत है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक और जवाबी नीति अपनाएगा।
क्यों है यह बयान अहम?
यह बयान सिर्फ पाकिस्तान को नहीं, बल्कि दुनिया को एक संदेश है कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने को तैयार है।
यह बयान भारत की "नई सुरक्षा नीति" की झलक देता है, जो 'नो टॉलरेंस टू Terrorism' और 'Firm Deterrence Against Nuclear Blackmail' पर आधारित है।
इससे सेना का मनोबल भी ऊंचा होता है और नागरिकों को भरोसा मिलता है कि देश की रक्षा पक्के हाथों में है।
No comments:
Post a Comment