वक्फ क़ानून लागू नहीं होगा, दंगों की राजनीति मत करो: ममता बनर्जी
लेखक: राजेंद्र रत्ताखेड़ा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार के नए वक्फ क़ानून को राज्य में लागू करने से इनकार करते हुए एक सख्त संदेश दिया। उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले के दंगा-प्रभावित इलाकों का दौरा किया और वहां लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
केंद्र के कानून पर सवाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा हाल ही में पारित वक्फ कानून को "सांप्रदायिक और विभाजनकारी" करार दिया। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि इस कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि यह कानून राज्य के धर्मनिरपेक्ष ढांचे और गंगा-जमुनी तहज़ीब के खिलाफ है।
हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच
ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद जिले में हाल में हुई हिंसा को देखते हुए वहां का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद किया, घायलों से मुलाकात की और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखा जाए।
राजनीतिक दलों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक भावनाओं को भड़का कर हिंसा फैला रहे हैं और इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की राजनीति से दूर रहें और किसी के बहकावे में न आएं।
जनता से शांति की अपील
ममता ने कहा, “राज्य सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है। हम किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम ऐसी नीतियों का समर्थन नहीं करेंगे जो समाज में नफरत फैलाएं। बंगाल शांति चाहता है, और हम सब मिलकर ही इसे बनाए रख सकते हैं।”
निष्कर्ष
ममता बनर्जी का यह रुख न केवल उनके राजनीतिक दृढ़ संकल्प को दर्शाता है बल्कि यह भी दिखाता है कि वे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में इस बयान का प्रभाव राज्य की राजनीति पर निश्चित रूप से देखने को मिलेगा।